भारतीय मूल की डेमोक्रेट नेता प्रमिला जयपाल एक बार फिर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य चुन ली गई हैं। प्रमिला जयपाल पहली साउथ एशियाई अमेरिकी महिला हैं और कांग्रेस की एकमात्र ऐसी मेंबर हैं जिनके पास कभी स्टूडेंट वीजा और एच-1बी वर्क वीजा दोनों रहे हैं। जान लें कि इस जीत के बाद प्रमिला जयपाल को US रिप्रेजेंटेटिव छठा कार्यकाल मिल गया है। प्रमिला जयपाल ने वॉशिंगटन राज्य के 7वें कांग्रेसनल जिले में रिपब्लिकन कैंडिडेट नीरव शेठ को बड़े अंतर से हराया। जब विजयी घोषित किया गया, तब तक लगभग 54 प्रतिशत वोटों की काउंटिंग हो चुकी थी और प्रमिला जयपाल को करीब 88 फीसदी वोट मिले थे, जबकि नीरव शेठ को लगभग 12 प्रतिशत वोट मिले थे।
कौन हैं प्रमिला जयपाल?
इस जीत के साथ प्रमिला जयपाल दोबारा उस U.S. House of Representatives में लौटेंगी, जहां अब डेमोक्रेटिक पार्टी का कंट्रोल होगा। वह Judicial Committee की इमिग्रेशन सब-कमेटी की सीनियर डेमोक्रेट मेंबर भी हैं। बता दें कि प्रमिला जयपाल का जन्म भारत में हुआ था। उनका बचपन भारत, इंडोनेशिया और सिंगापुर में बीता। फिर, 16 साल की उम्र में वह अकेले हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका चली गईं और जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। बाद में उन्होंने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। प्रमिला जयपाल पहले कांग्रेसनल प्रोग्रेसिव कॉकस की अध्यक्ष रह चुकी हैं और वर्तमान में उसकी मानद अध्यक्ष हैं। साथ ही, प्रमिला जयपाल कांग्रेसनल एशियन पैसिफिक अमेरिकन कॉकस की इमिग्रेशन टास्क फोर्स की अध्यक्ष हैं और विदेश मामलों की कमेटी की दक्षिण एवं मध्य एशिया उपसमिति व बजट समिति में भी मेंबर हैं। साल 2023 में एक स्टेटमेंट में उन्होंने भारत को -'मेरा जन्मस्थान, जहां मेरे माता-पिता आज भी रहते हैं' बताया था। उन्होंने कहा था कि वह करीब 3 दशक तक भारत की नागरिक रहीं।
ट्रंप की नीतियों की विरोधी हैं प्रमिला जयपाल
प्रमिला जयपाल ने अक्सर अपने प्रवासी जीवन के एक्सपीरियंस का जिक्र करते हुए ट्रंप प्रशासन की लीगल इमिग्रेशन को सीमित करने वाली पॉलिसी का विरोध किया है। उन्होंने H-1B वीजा फीस को एक लाख डॉलर तक बढ़ाने जैसे कदमों की भी आलोचना की है। दिसंबर 2025 में एक संसदीय सुनवाई के दौरान प्रमिला जयपाल ने कहा था कि प्रशासन लीगल इमिग्रेशन के रास्तो को बंद कर रहा है। यह भेदभाव वाली नीतियों की याद दिलाता है।
भारत पर टैरिफ की कर चुकी हैं आलोचना
उन्होंने भारतीय मूल के लोगों के विरुद्ध बढ़ती नफरत की घटनाओं पर भी चिंता जताई थी। उसी सुनवाई में प्रमिला जयपाल ने इंडियन प्रोडक्ट्स पर लगाए गए टैरिफ की भी आलोचना की थी। उनका कहना था कि इससे भारत की इकोनॉमी को नुकसान पहुंच रहा है और अमेरिकी व्यापारियों व कंज्यूमर्स पर भी प्रभाव पड़ रहा है। उधर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिडटर्म चुनाव में पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराया है। इस दौरान, उन्होंने इजरायल का भी जिक्र किया।
(इनपुट- IANS)